Wednesday, December 26, 2012

{ २२२ } दिल की बात






दीवानों से दिल की बात न पूछो
किस ने दी दिल को मात न पूछो।

दुनिया कहाँ जानती दिल की बातें
दीवाने से दिल के हालात न पूछो।

ख्वाब और मँजिल सब हुए गुम
कैसे हुए ये गर्दिशे-हालात न पूछो।

हुस्न पर मैं इश्क लुटाता रहता हूँ
हम जैसे दीवानों की जात न पूछो।

जगमगा जायेंगे खुशियों के चिराग
मिली ये इश्क की सौगात न पूछो।



--------------------------- गोपाल कृष्ण शुक्ल

1 comment:

  1. वाह...लाजबाब गुरु जी...

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