पाँखुरी
Friday, May 27, 2011
{ ३८ } मेरा दिल
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हाले-दिल पूछकर, कर दिया आपने इलाजे-दिल, जान कर इरादा आपका, मचल गया है मेरा दिल। शाम ढले जोगन ने इन कानों मे मधुरस घोल दिया मन-मंदिर बाँसुरि...
Sunday, May 22, 2011
{ ३७ } रास आने लगा है
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वो वीरान जुदाई का बागेवस्ल बनेगा यादों मे आ के कोई ये बताने लगा है। दूरी के दर्द से ज्यादा पहलू-ए-मौसम, उसमे डूब जाने को दिल सताने लगा है। अ...
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Thursday, May 19, 2011
{ ३६ } मेघा बरसो रे
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बरसो रे.. बरसो रे.. मेघा बरसो रे, मेघा बरसो रे | झूम - झूम के बरसो, घूम - घूम के बरसो, मेघा बरसो रे, मेघा बरसो रे | अम्बर प्यासा, धरती सूख...
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Saturday, May 14, 2011
{ ३५ } गिला क्या है
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मोहब्बत करने वाले तुम्हे पता क्या है, तुम्हारी किस्मत मे रब ने लिखा क्या है। बीत जायेगी सारी उम्र, न जान पायेगा, होठो पर किसके, दुआ-बददुआ क...
Monday, May 2, 2011
{ ३४ } फ़ूल
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मुझ पर फ़ूल बहुत मेहरबान है यारो, फ़ूल सी ही मीठी मेरी जबान है यारो। फ़ूल की महक सबसे येही कहती है, उसकी खुश्बू ही तो पहचान है यारों। सभी ...
Thursday, April 28, 2011
{ ३३ } आवरण
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आदमी को, आदमी बनने के लिये, एक आवरण की आवश्यकता होती है। शरीर पर ओढ़ा हुआ आवरण चाहे कपड़े का हो या फ़िर, सभ्यता और सलीके का। ...
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Tuesday, April 26, 2011
{ ३२ } पीने के सबब - २
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भटकता हूँ घने वन मे, सदा जब देता नही कोई, तो पी लेता हूँ, तपिश सहता, दामन की हवा जब देता नही कोई, तो पी लेता हूँ । ...
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Friday, April 22, 2011
{ ३१ } घर
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घर, ईंट की दीवार, कंक्रीट की छत, लकडी के दरवाजे, लोहे की खिडकी, इन सबको मिला कर बनाया गया एक ढाँचा। यह ढाँचा ही ...
Wednesday, April 13, 2011
{ ३० } तो चलूँ..........
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इस कैद से रिहाई का परवाना मिल जाये, तो चलूँ, इन सांसों को आखिरी ठिकाना मिल जाये, तो चलूँ । ज़िन्दगी से हुई कुछ ऐसी आशनाई कि मदहोश हूँ, पहले...
Friday, April 8, 2011
{ २९ } पीने के सबब - १
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बेवजह पूछता है ये जमाना कि मैं क्यॊ पी लेता हूं, कितना सताया जालिम ने, सोचता हूं तो पी लेता हूं। थोडा सा जी लेता...
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