चँचल मन
सुगठित तन
दोनो का मिश्रण है यौवन।
चँचल नयन
हृदय की तपन
दोनो का मिश्रण है यौवन।
सरकता अवगुंठन
गर्वित अविचलन
दोनो का मिश्रण है यौवन।
चँचल चितवन
लाज और सिहरन
दोनो का मिश्रण है यौवन।
नख-शिख आकर्षण
श्रँगार और आभूषण
दोनो का मिश्रण है यौवन।
भुजपाश और आलिंगन
क्रीडा और क्रन्दन
दोनो का मिश्रण है यौवन।
साँसों की थिरकन
कसता भुजबन्धन
दोनो का मिश्रण है यौवन।
जब झूमे तन
जब नाचे मन
दोनो का मिश्रण है यौवन।
__________________ गोपाल कृष्ण शुक्ल









